इस आधुनिक जमाने में हर किसी की लाइफस्टाइल में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ये बदलाव आहार से भी जुड़े हुए हैं। हर किसी की डाइट का यह अहम हिस्सा बन चुका है। बात करें फास्ट फूड के फायदे और नुकसान की, तो जंक फूड के नुकसान कई सारे हैं। इससे लाभ होना मुमकिन नहीं है, लेकिन स्वाद के कारण यह बच्चे से लेकर व्यस्कों का प्रिय आहार बन चुका है। जंक फूड के नुकसान हिंदी में जानने के लिए अंत तक पढ़ें
सबसे पहले जानेंगे जंक फूड यानी फास्ट फूड क्या है।
जंक फूड को फास्ट फूड के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसा खाद्य व पेय पदार्थ होता है, जिसमें पोषक तत्वों यानी विटामिन, खनिज और फाइबर की मात्रा कम होती है। इसमें स्वाद के साथ ही उच्च कैलोरी, संतृप्त वसा और अधिक मात्रा में चीनी या नमक होता है।
सीडीसी (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) में मौजूद जानकारी के अनुसार, फास्ट फूड अमेरिकी आहार का एक हिस्सा माना गया है। इसमें उच्च कैलोरी व खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ होते हैं । इस आधार पर कहा जा सकता है कि जंक फूड पोषण युक्त आहार में से एक नहीं होता है।
अब समझिए कि फास्ट फूड खाने के नुकसान क्या-क्या हैं।
जंक फूड खाने के नुकसान –
जैसा कि हमने ऊपर बताया कि जंक फूड में पोषक तत्वों की कमी और कैलोरी, वसा व चीनी की अधिकता होती है। ऐसे में इसके सेवन से स्वास्थ्य को क्या नुकसान हो सकते हैं, यह नीचे विस्तार से पढ़िए।
1. सिर दर्द की समस्या
जंक फ़ूड खाने से होने वाले नुकसान में सबसे पहले बात करेंगे सिरदर्द जैसी समस्या की। दरअसल, फास्ट फूड में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) का उपयोग होता है। इस कंपाउंड से चाइनीज रेस्टोरेंट सिंड्रोम हो सकता है। इसमें फास्ट फूड खाते ही सिरदर्द और अन्य लक्षण नजर आने लगते हैं। रिसर्च के अनुसार, जंक फूड से मांसपेशियों में संकुचन होता है, जिससे सिरदर्द होता है। यही कारण है कि माइग्रेन पीड़ितों को फास्ट फूड से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
2. डिप्रेशन की समस्या
जंक फ़ूड खाने के नुकसान में डिप्रेशन की समस्या भी शामिल है। ईरानी बच्चों और व्यस्कों पर हुए एक अध्ययन से पता चलता कि जंक फूड के सेवन से कई तरह की मानसिक समस्याएं होती हैं, जिनमें से एक अवसाद भी है। साथ ही इससे बच्चे का व्यवहार हिंसात्मक भी हो सकता है। इसके अलावा, कोला और कार्बोनेटेड पेय में मौजूद कैफीन की मात्रा बच्चों में अति सक्रियता/ध्यान की कमी के लिए जिम्मेदार होती है । इस आधार पर कह सकते हैं कि जंक फूड से डिप्रेशन के साथ ही मस्तिष्क की कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है।
3. मुंहासों की परेशानी
एक शोध की मानें, तो वेस्टर्न डाइट यानी जंक फूड का सेवन मुंहासों का कारण बन सकता है। रिसर्च के दौरान पाया गया है कि इंस्टेंट नूडल्स, जंक फूड, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, स्नैक्स, प्रोसेस्ड चीज, चिकन का सेवन करने वालों को मुंहासे की परेशानी अधिक होती है। वहीं, पौष्टिक आहार का सेवन करने वालों में मुंहासों का नियंत्रण अधिक पाया गया । इस आधार पर मान सकते हैं कि जंक फूड से होने वाले नुकसान में से एक मुंहासे का जोखिम भी है।
4. सड़न की समस्या
जंक फ़ूड खाने के नुकसान में दांतों की सड़न की समस्या को भी गिना जाता है। शोध की मानें, तो बच्चों के दांतों की सड़न मुख्य रूप से जंक फूड जैसे कि कैंडी, चॉकलेट, चिप्स, बिस्कुट व चीनी युक्त पेय पदार्थ के सेवन के कारण हो सकती है। बच्चे घर का बना हुआ खाना खाने की बजाय जंक फूड की ओर ज्यादा आकर्षित रहते हैं। ऐसे में उन्हें दांतों में सड़न का सामना करना पड़ता है।
5. हृदय रोग का जोखिम
अध्ययन की मानें, तो जंक फूड भी हृदय रोगों का एक प्रमुख कारण है। यह धमनियों में प्लाक बनाता है, जिसकी वजह से हृदय के नीचे की ओर रक्त को पंप करते समय अधिक दबाव पड़ता है। वहीं, ऊपर की ओर हृदय में रक्त की वापसी में भी कमी होती है। इसकी वजह से हृदय को दो तरह के नुकसान हो सकते हैं। पहला हृदय में थकान और दूसरा ऑक्सीजन की आपूर्ति में नुकसान होना । इसी वजह से जंक फूड के नुकसान में हृदय रोग की समस्या को भी गिना जाता है।
6. रक्तचाप से जुड़ी समस्या
जंक फूड के नुकसान में रक्तचाप जैसी समस्या भी शामिल है। एक रिसर्च पेपर के अनुसार, जंक फूड के नियमित सेवन से शरीर में अधिक मात्रा में नमक पहुंचता है, क्योंकि फास्टफूट में नमक अधिक होता है। इससे रक्तचाप बढ़ने यानी उच्च रक्तचाप हो सकता है। ऐसे में उच्च रक्तचाप के जोखिम से बचने के लिए जंक फूड के सेवन से बचना चाहिए।
7. मोटापा
एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर ईरानी 6 से18 वर्ष की आयु के बच्चों व व्यस्कों पर किया गया रिसर्च प्रकाशित है। साल 2011-2012 में हुए इस रिसर्च के दौरान आहार में जंक फूड जैसे कि नमकीन स्नैक्स, मिठाई, मीठे पेय पदार्थ और फास्ट फूड को शामिल किया गया। नतीजन जंक फूड खाने वालों में मोटापे का जोखिम बढ़ा हुआ मिला।
8. कोलेस्ट्रॉल का स्तर
हृदय रोग व मोटापे के अलावा जंक फूड का सेवन कोलेस्ट्रॉल व लीवर को भी प्रभावित कर सकता है। रिसर्च में इस बात का जिक्र मौजूद है कि जंक फूड के कारण उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है, जिससे लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है अन्य रिसर्च पेपर में भी साफ तौर पर लिखा है कि जंक फूड से दूर रहना कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम रखने का अच्छा तरीका है । इसी वजह से जंक फूड के नुकसान में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना भी शामिल है।
9. मधुमेह का जोखिम
जंक फूड के नुकसान में मधुमेह की समस्या भी शामिल है। मधुमेह एक क्रोनिक मेटाबोलिक डिसऑर्डर है, जो हाइपरग्लेसेमिया, ग्लाइकोसुरिया, हाइपरलिपीमिया, नकारात्मक नाइट्रोजन संतुलन और कई बार केटोनीमिया (चयापचय विकार) का कारण बनता है। गौर हो कि डायबिटीज मेलिटस टाइप 1 और टाइप 2, इन दो प्रकार का होता है। जंक फूड के सेवन से 90% से अधिक मामले टाइप 2 मधुमेह के हो सकते हैं । इस आधार पर मान सकते हैं कि फास्ट फूड के सेवन से मधुमेह का जोखिम भी बढ़ता है।
फास्ट फूड के अन्य नुकसान –
ऊपर विस्तार से बताए गए दुष्प्रभावों के अलावा भी जंक फूड के नुकसान में कई अन्य परेशानियां शामिल हैं। आइए, उनके बारे में नीचे जानते हैं।
- जंक फूड आवश्यक पोषक तत्व जैसे विटामिन, प्रोटीन और फाइबर प्रदान नहीं करते हैं, जिसकी वजह से इसकी अधिकता होने पर ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है।
- पोषक तत्व कम होने के कारण इसका अधिक सेवन करने से शरीर में पोषण की कमी हो सकती है।
- जंक फूड के सेवन से ध्यान केंद्रित करने यानी एकाग्रता में समस्या हो सकती है।
- जंक फूड के नुकसान में अस्थमा की समस्या भी शामिल है। यह क्रॉनिक पल्मोनरी ऑब्सट्रक्टिव डिसऑर्डर है, जो आर्टिफिशल स्वाद और रंग वाले एजेंट के कारण होती है और जंक फूड में यह प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं।
- बचपन में जंक फूड का सेवन करने से व्यवहार संबंधी समस्या जैसे कि अति सक्रियता, आक्रामकता आदि की समस्या हो सकती है।
- जंक फूड के नुकसान में मानसिक विकार भी शामिल हैं। इसके अधिक सेवन से आलस महसूस करना, डिस्लेक्सिया, एकाग्रता में कमी की समस्या हो सकती है।
- फास्ट फूड खाना कभी भी सही नहीं माना गया है। बावजूद इसके लोग इसका सेवन लगातार करते हैं। अब दोबारा इसके सेवन से पहले लेख में बताए गए फास्ट फूड खाने के नुकसान पर जरूर गौर करें। भले ही स्वाद में जंक फूड अच्छा हो, लेकिन जंक फूड खाने के नुकसान कई हैं। खाने का कभी मन भी हो, तो इसकी मात्रा एकदम सीमित रखें। वैसे हमेशा जंक फूड के बजाय पौष्टिक आहार को ही तवज्जो दें, क्योंकि आज की सतर्कता, कल के स्वास्थ्य संबंधी नुकसान से बचा सकती है।
क्या जंक फूड दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है?
हां, शोध की मानें, तो खराब आहार जैसे जंक फूड का सेवन करने से तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचता है। यह मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालकर विशेष रूप से स्मृति कार्यों को हानि पहुंचा सकता है।
जंक फूड डिप्रेशन का कारण कैसे बन सकता है?
ईरानी बच्चों और व्यस्कों पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि जंक फूड से कई तरह की मानसिक समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें अवसाद यानी डिप्रेशन भी शामिल है (5)। इसकी वजह कुछ और नहीं, बल्कि इसमें मौजूद केमिकल और हानिकरक तत्व हैं। साथ ही, इसमें पौष्टिक तत्व होते ही नहीं हैं, जिस वजह से अवसाद का जोखिम बढ़ जाता है।
जंक फूड मानसिक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?
शोध की मानें, तो जंक फूड के सेवन से बच्चों व किशोरों में मानसिक परेशानी और हिंसक व्यवहार का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए स्वस्थ आहार का सेवन प्रभावकारी हो सकता है।
